
कृषि मंत्री का खाद निरीक्षण: कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही का खाद केंद्रों पर औचक निरीक्षण, उचित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने के दिए निर्देश
अयोध्या। प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने शनिवार को जिले के साधन सहकारी समिति जरही (मया बाजार) और निजी उर्वरक विक्रय केंद्र वर्मा खाद भंडार, देवगढ़-पूराबाजार का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने उर्वरकों के स्टॉक, बिक्री व्यवस्था और किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को पारदर्शी व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने साधन सहकारी समिति जरही पर उपलब्ध 47.385 मीट्रिक टन यूरिया और 9.60 मीट्रिक टन डीएपी के स्टॉक की जानकारी ली। उन्होंने बिक्री रजिस्टर का अवलोकन किया और रैंडम आधार पर तीन किसानों से फोन पर बात कर उर्वरक की मात्रा व मूल्य की पुष्टि की। किसानों की ओर से दी गई जानकारी अभिलेखों से मेल खाने पर मंत्री ने बिक्री व्यवस्था पर संतोष जताया। इस दौरान उन्होंने पीओएस मशीन के माध्यम से एक किसान को चार बोरी यूरिया वितरित कर डिजिटल प्रणाली की सराहना भी की।
इसके बाद मंत्री ने निजी क्षेत्र के वर्मा खाद भंडार का निरीक्षण किया, जहां 6.488 मीट्रिक टन यूरिया का स्टॉक उपलब्ध मिला। 25 जुलाई तक 2.455 मीट्रिक टन यूरिया की बिक्री दर्ज पाई गई। यहां भी उनकी मौजूदगी में एक किसान को चार बोरी उर्वरक उपलब्ध कराया गया। विक्रेता द्वारा पीओएस मशीन पर फार्मर परचेज हिस्ट्री प्रदर्शित न होने की जानकारी देने पर मंत्री ने बताया कि भारत सरकार की तकनीकी टीम इस समस्या के समाधान में जुटी है।कृषि मंत्री ने सभी सहकारी समितियों और निजी विक्रेताओं को शासन के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी जोत और खतौनी के आधार पर प्रति हेक्टेयर अधिकतम सात बोरी यूरिया और पांच बोरी डीएपी ही फसल की आवश्यकता के अनुसार उपलब्ध कराया जाए तथा किसी भी प्रकार की जबरन टैगिंग या अनियमितता न होने पाए।उन्होंने जिला कृषि अधिकारी और सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता को निर्देश दिए कि सभी समितियों पर प्रतिदिन उर्वरकों के स्टॉक की समीक्षा की जाए और किसी भी समिति पर यूरिया अथवा डीएपी का स्टॉक शून्य न होने दिया जाए।
जनपद में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि 25 जुलाई की स्थिति में जनपद में 17,736.284 मीट्रिक टन यूरिया, 4,738.269 मीट्रिक टन डीएपी, 816.378 मीट्रिक टन एमओपी, 6,376.165 मीट्रिक टन एनपीकेएस तथा 16,685.389 मीट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध है। साथ ही 31 जुलाई तक लगभग 2,300 मीट्रिक टन अतिरिक्त यूरिया मिलने की संभावना है। 24 जुलाई को सहकारी और निजी क्षेत्र के माध्यम से कुल 809.438 मीट्रिक टन यूरिया की बिक्री हुई।मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे अपनी खतौनी या फार्मर आईडी के आधार पर निकटतम सहकारी समिति अथवा अधिकृत उर्वरक विक्रय केंद्र से निर्धारित मानकों के अनुरूप उर्वरक प्राप्त करें और खरीफ फसलों में वैज्ञानिक अनुशंसाओं के अनुसार उसका उपयोग करें।
जबरन टैगिंग की शिकायत पर होगी सख्त कार्रवाई
कृषि मंत्री ने कहा कि यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलता है या यूरिया के साथ अन्य उत्पादों की जबरन टैगिंग करता है तो इसकी सूचना तत्काल जिला कृषि अधिकारी कार्यालय के कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 9554741267 पर दें। शिकायत मिलने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

